Hindi Kahaniya :  हिंदी कहानियां – कीमती गहने



एक समय कि बात है एक ब्राह्मण था और एक ब्राह्मणी थी  ब्राह्मण पूजा पाठ कर किसी तरह गुजर बसर चलाते थे ब्राह्मणी चाहती थी कि वह रोज रोज सोने के नए ज़ेवर पहने ब्राह्मण ने सोचा किसी तरह पत्नी को खुश करना चाहिए  बस, वे धन कमाने के लिए परदेस निकल पड़े ।


चलते-चलते रास्ते में उन्हें एक कुआँ मिला । ब्राह्मण कुएँ के किनारे पर बैठ गए और ज़ोर-शोर से गायत्री मंत्र पढ़ने लगे । उस कुएँ के अंदर एक चुडैल रहती थी। उसके कानों में मंत्रों की ध्वनि पड़ी। वह कएँ के बाहर आ गई और भयानक चुडैल से सुंदर-सी परी बन गई। असल में वह एक परी ही थी और एक शाप के कारण उसे चुडैल बनना पड़ा था ।
ब्राह्मण परी को देखकर चकरा गए । परी ने जब उनसे वरदान माँगने को कहा तो उन्हें अपनी पत्नी का खयाल आया । उन्होंने परी से कहा, “तुम मुझे ढेर सारे कीमती गहने दे दो।” 

परी ने ब्राह्मण को तुरंत गहने दे दिए और उनसे कहा, “कुछ और माँगो।

ब्राह्मण ने कहा, “मुझे रूप बदलने की शक्ति भी दे दो ।" परी ने ब्राह्मण को यह शक्ति भी दे दी ।"

अब ब्राह्मण गाँव की ओर लौट चले । रास्ते में उन्होंने एक सुंदर युवक का वेश धरा और अपने घर जा पहुँचे ।

युवक का वेश धरे ब्राह्मण ने अपनी पत्नी के पास पहुंचकर कहा, “तुम्हारा पति अब कभी नहीं लौटेगा । तुम मेरे संग विवाह कर लो । सदा सुखी रहोगी ।कहते हुए उन्होंने गहनों की पोटली खोलकर ब्राह्मणी को दिखा दी ।

Hindi Kahaniya :  हिंदी कहानियां – कीमती गहने

ब्राह्मणी गहनों को देखती रही । फिर उठाकर उन्हें आँगन के कुएँ में डाल दिया । रूप बदले ब्राह्मण ने आश्चर्य से पूछा, “यह क्या किया?"

ब्राह्मणी ने गहरी साँस लेते हुए उत्तर दिया, “जब वही नहीं रहे तो इन गहनों को लेकर क्या करूँगी?"

पत्नी की बात सुनकर ब्राह्मण ने फौरन अपना असली रूप धरा और पत्नी को सारी बातें बताई। उसके बाद दोनों सारी जिंदगी खूब सुख से रहे।


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