पानी में सूरज

दस सूर्य एक प्राचीन कहानी | Moral Stories in Hindi | Hindi Kahaniya


बहुत पहले की बात है । उस समय अंतरिक्ष में एक नहीं, दस सूर्य थे । वे बारी-बारी से उदय होते । एक आकाश में रहता, बाकी विश्राम करते । सब कुछ शांत प्रसत्र और कांतिमय था । ये सब सूर्य, प्राची देवता के पुत्र थे । वे प्राची देवता की आज्ञा का पालन करते थे।

थोड़े समय के बाद ऐसा हुआ कि ये सब पुत्र कुसंगति में पड़ गए । उनको अपनी शक्ति और सामर्थ्य पर बड़ा घमंड हो गया । बारीबारी से विश्राम करने के स्थान पर वे सब सूर्य एक साथ ही चमकने लगे । उनमें आपस में होड़ लग गई कि कौन कितना तेजस्वी है ।

उनके इस खेल से धरती पर रहने वालों के लिए बहुत विपत्ति खड़ी हो गई। सब ओर त्राहि-त्राहि मच गई । पानी के सरोवर सूख गए । फसलें जल गईं । यहाँ तक कि जमीन के अंदर उगने वाली चीजें आलू, रतालू आदि भी जल-भुन गए थे । भयंकर संकट खड़ा हो गया था।

अपनी प्रजा की व्यथा को सुनकर प्रतापी राजा योंग ने प्राची देवता से प्रार्थना की कि धरती की रक्षा की जाए । वे अपने पुत्रों को आज्ञा दें कि सिर्फ एक सूर्य आकाश में चमके । बाकी पुत्र विश्राम करें ।

प्राची देवता राजा योग का बड़ा सम्मान करते थे । उन्होंने फौरन अपने पत्रों को आज्ञा दी कि वे उनके सामने आएँ और अपने इस कार्य के बारे में बताएँ।

उन्हें विश्वास था कि उनके आज्ञाकारी पुत्र आदेश पाते ही उनके सामने उपस्थित हो जायेंगे । पर महान आश्चर्य ! पुत्रों ने उनकी बात तक न सुनी । वे और भी जोर से चमकने लगे।

प्राची देवता क्रोध से लाल हो गये । उन्होंने बड़ा कठोर निर्णय ले डाला, ताकि धरती के निवासियों पर आया संकट में दूर हो सके।

उन्होंने महान धनुर्धर ही यान को बुलवाया । ही यान के किसान धनुष की टंकार से सारा विश्व कांप उठा । सब सहमे खड़े थे कि नजाने आज क्या होगा !

ही यान ने प्राची देवता को प्रणाम किया । प्राची देवता ने ही यान को आदेश दिया कि वह उनके दस पुत्रों में से नौ की अंतरिक्ष से पथ्वी पर मार गिराए ।

ही यान ने दसों सूर्यों से निवेदन किया कि वे अपने आप अपने पिता की आज्ञा पूरी करें । उन्हें बाणों से घायल न होना पड़े । लेकिन मद में चूर सूर्यों ने उनकी बात न सुनी।

ही यान ने अपना धनुष उठाया और बाणों की बौछार कर दी। उनके बाण इतने शक्तिशाली थे कि एक बाण लगते ही एक सूर्य अंतरिक्ष से गिरता हुआ धरती में समा गया । कुछ सूर्य समुद्र पर गिरे और भाप के बादल उठाते हुए समुद्र तल में लुप्त हो गए ।

सिर्फ एक सूरज बच गया, वही जो आज तक हम देखते हैं । उन सूर्यों की गरमी, जो धरती के अंदर चले गए थे, हम आज भी अनुभव करते हैं-जब कोई ज्वालामुखी फूटता है । चीन देश में आज भी धनुर्धारी ही यान को याद किया जाता है।


Ten Sun An ancient story Moral Stories



It is from a long time ago . At that time there were not one, but ten suns in space. They would rise in turn. One lived in the sky, the rest rested. Everything was quiet and peaceful. All these were sons of Surya, Prachi Devta. They obeyed the command of Prachi Devta.


After a short time it happened that all these sons fell into Kusangati. He became very proud of his power and strength. Instead of alternately resting, all of them sun started shining simultaneously. There was a competition among them about who is so stunning.


This game created great calamity for the people living on the earth. There was distress all over. The water pool dried up. The crops were burnt. Even potatoes, yam, etc., which grow inside the ground, were burnt. A terrible crisis had arisen.


Hearing the agony of his subjects, the glorious King Yong prayed to the deity that the earth be protected. They command their sons that only one sun shines in the sky. Rest of the sons should rest.


Prachi Devata used to respect Raja Yoga very much. He immediately ordered his letters to come before them and tell them about his work.


He was confident that his obedient son would appear before him as soon as he got the order. But great surprise! The sons did not even listen to him. They started shining even louder.


The deity became red with anger. He took a very harsh decision so that the inhabitants of the earth could overcome the crisis.


He called the great archer. The whole world trembled with the bow of the farmer's bow. Everyone was afraid that what would happen today!


He Yan bowed to the deity. Prachi Devta ordered the ship to kill nine of their ten sons on the path from space.


He requested the Suns to fulfill their father's orders on their own. They do not have to be injured by arrows. But the sun in the head did not listen to them.


He took his bow and shot arrows. His arrows were so powerful that as soon as an arrow hit, a sun fell from the space into the earth. Some of the sun fell on the sea and evaporated into the sea floor, raising clouds of steam.



Only one sun survived, what we see till date. The warmth of the sun, which went inside the earth, we still experience today - when a volcano erupts. Archery is still remembered in China today.


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